बन्द आँखो से एक तस्वीर बन जाती है
उसमे तेरे सूरत नजर आती है
यहा तो बदनामी मे भी नाम होता है
दिल मे जिसके यादो मे रोता है
तेरे प्यार मे दिल डूबा इतना
जितनी सागर मे नाव डूब जाती है
थककर हार गये अभी से
अभी तो लडाई बाकी है सभी से
हिम्मत टूटती नजर आती है
दिल मे बसने वाली दूरिया बढाती हो
एहसान है तेरा दिल मे होता हमेशा यादो का सवेरा
एक तुम ही है जो अपना है तेरे सिवा कौन है यहा मेरा
कुछ कहता हू कुछ करता हू
आशिक हू तेरा तेरी सूरत पे मरता हू
खुशबू से पूरा गुलशन महक जाता है
लाख जोखिम ऊठाकर ये दीवाना तुझसे दिल लगाता था
कभी नीद भी देखती है रास्ता तेरा
कभी आये तु यादे मे ख्वाब बनके
तेरे एहसास का दीवाना बन जाता हू
रहता हू दुनिया मे फिरभी वेगाना बन जाता हू
नही आते है जाने वाले
दिल पे ठोस लगाते है
अपना बनाने वाले
वक्त हर जख्म भर देता है
कभी हँसता है
कभी आँखे नम कर देता है
तुझको देखकर मेरी शहर की हवा चले
मत घबरा मुसीबत से दिलदार
लडने को उससे मेरी दिल की दुआ चले
मुलाकत की अब भी तमन्ना होती है
भूलकर ये रूह गम मे रोती है
सितम की अपनी कहानी होती है
दरद जिसकी निशानी होती है
खुशी की चिन्ता जब से होनी लगी
जबसे तुम नीद चुराकर आराम से सोने लगी
आरजू खाक हो ग़ई अब बची है जान खाक होने को
तुझको खो दिया है कबका मैने अब क्या बचा है खोनो को
अब ना याद आओ याद आने को
आती हो ख्वाबो मे हमको रुलाने को
बदल जाती है रोज सोती ही मेरे
कल तुझे कैसे पहचानू
देते है धोखा जिनको हम अपना मानते है
वो हमको अपना नही सपना मानते है
कैसे करु विश्वास ये बदरद जमाने का
दिखावे से भरे झूठ के पैमाने का
ख्वाबो देखकर खुश होता हू मै
हकीकत देख रोता हो मै
वैसे तो फासले है अपने बीच
ख्वाब मे ही करीब होता है मै
दीवाने को तडपाने वाली अदा खूब आती है
दिखाकर मुस्कान किसी और से मिलने जाती है
मत करो ऐसी बात जो दिल को लग जाये
जजबात का सागर दिल मे फिर जग जाये
लबजो को दिल मे सभालता हू
दिखाने प्यार मेरा दिल भी निकलता हू
आँखो से आँसू बहाती है
आने के याद पहले वो मिलने आती है
हकीकत लिखता हू झूठ मिटाता हू
ये क्या तेरा इंसाफ बहुत खोता हू
थोडा पाता हू लबो पे नाम तेरा ही लाता हू
फरेब का मंजर आता है
दिल बंजर बन जाता है
ऐसे मत दिखो मेरी तरफ तेरी
निगाहो मे खंजर नजर आता है
ख्वाब ही तो अपने है
अपने तो सपने है यू बेगाने से नही लगता है
डर खंजर चलाने वाले जिदंगी मे अपने है
अपनो के आशियानो को छोडकर
कहा जाती हो दिल मेरा तोडकर
तेरा दीवाना ख्वाब मे देखे तुझे
उसे क्यो रूलाऊ ख्वाब उसका तोडकर
यू निगाहे मे अश्क बनकर ना आया करो
याद बनकर ख्वाब ना आया करो
यू रंच गम के हालात ठीक नही
अपने दीवाने को ना सताया करो
यादे दीवाना बनके तुम्हारी जान ना ले ले हमारी
आज अंजान बन बैठी जो कल तलक थी हमारी दीदार की दुलारी
प्यार ने जीने सीखया जहर को पीना सीखया
नफरत की यू निगाहे बनाकर जाम जहर का पीना सीखाया
हम वो नही छोड दे मरने तुझे तूफानो मे
यू नाम नही लिखवाया तेरे दीवानो मे
तू रहती फूलो के बाग मे
और आशिक रहते वीरानो मे लिखा रखा है
हमने अपना नाम तेरे दीवानो मे
किसी के दिल की आरजू बनके सितम का अन्धेरा क्यो किया
बुझा मेरी दिल की सममा अपनी गलियो मे सबेरा क्यो किया
आज गम मे जीकर दिखते है
खुशीयो मे बहुत जीये अब आँसू पीकर देखते है
कहते ख्वाब तुझे फिर सच्चाई क्यो है
तू कहती अपना फिर पराई क्यो है
पाने से ज्यादा खोता हू
तेरी यादो मे अक्सर रोता है
यू खफा हो कर तुमतो चले गये
आज भी ख्वाब मे तेरे मै अक्सर होता हू
तेरी यादो मे तन्हा रोता हू
है बुलाती है वो दुनिया जिसने छोड दिया था
प्यार भरा दिल पत्थर से मारकर तोड दिया था
पग पग दिऐ अश्क और गम सितम के दलदल मे छोड दिया था
प्यार भरा दिल तोड दिया था
कभी लूट ली बस्ती कभी लूट ली हस्ती अब जान लिये फिरते है
मिट जाने वाली पहचान लिऐ फिरते है
तुमसे पाते है नफरत की दुनिया अब लुटी शान लिऐ फिरते है
मरे हुऐ अरमान लिऐ फिरते है